श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.95.18 
अवाचीनोऽपि वैदर्भीमपरामेवोपयेमे मर्यादां नाम। तस्यामस्य जज्ञे अरिह:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
अवचिन ने विदर्भ की राजकुमारी मर्यादा से भी विवाह किया, जो आगे वर्णित देवतीथि की पत्नी से भिन्न थी। उसके गर्भ से उसे 'अरिह' नाम का पुत्र उत्पन्न हुआ॥18॥
 
Avachin also married Maryada, princess of Vidarbha, who was different from the wife of Devatithi described later. From her womb he had a son named 'Ariha'.॥18॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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