श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.95.17 
जयत्सेनो खलु वैदर्भीमुपयेमे सुश्रवां नाम। तस्यामस्य जज्ञे अवाचीन:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
जयत्सेन ने विदर्भ की राजकुमारी सुश्रवा से विवाह किया। उसके गर्भ से उन्हें अवचिन नामक पुत्र की प्राप्ति हुई।
 
Jayatsena married Vidarbha princess Sushravas. From her womb he had a son named Avachin.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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