श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.95.15 
अहंयाति: खलु कृतवीर्यदुहितरमुपयेमे भानुमतीं नाम। तस्यामस्य जज्ञे सार्वभौम:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
अहन्या ने कृतवीर्य कुमारी भानुमती को अपनी पत्नी बनाया। उनके गर्भ से अहन्यातिके सार्वभौम नामक पुत्र का जन्म हुआ। 15॥
 
Ahanya made Kritavirya Kumari Bhanumati his wife. From her womb was born a son named Ahanyatike Sarvabhaum. 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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