श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.95.13 
प्राचिन्वान् खल्वश्मकीमुपयेमे यादवीम्। तस्यामस्य जज्ञे संयाति:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उस वृद्ध पुरुष ने यदुकुल की कन्या अश्मकी को अपनी पत्नी बनाया, उसके गर्भ से उसे संयाति नामक पुत्र प्राप्त हुआ ॥13॥
 
The ancient man made Yadukul's daughter Ashmaki his wife. From her womb he got a son named Sanyati. 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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