श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.9.14 
धर्मराजायुषोऽर्धेन रुरोर्भार्या प्रमद्वरा।
समुत्तिष्ठतु कल्याणी मृतैवं यदि मन्यसे॥ १४॥
 
 
अनुवाद
'धर्मराज! रुरुकी की पत्नी कल्याणी प्रमद्वारा मर गई है। यदि आप इसे स्वीकार कर लें, तो वह रुरुकी की आधी आयु तक जीवित रहेगी।'॥14॥
 
'Dharmaraj! Ruruki's wife Kalyani has died by Pramdvara. If you accept this, then she will live for half the life of Ruruki.'॥ 14॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas