श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.9.11 
देवदूत उवाच
आयुषोऽर्धं प्रयच्छ त्वं कन्यायै भृगुनन्दन।
एवमुत्थास्यति रुरो तव भार्या प्रमद्वरा॥ ११॥
 
 
अनुवाद
देवदूत ने कहा- हे भृगु नंदन रुरु! आप उस कन्या के लिए अपना आधा जीवन दान कर दीजिए। ऐसा करने से आपकी पत्नी प्रमद्वारा पुनः जीवित हो जाएगी। 11.
 
The angel said- O Bhrigu Nandan Ruru! You give half your life for that girl. By doing this your wife Pramdwara will come back to life. 11.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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