Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.89.6: जो मनुष्य बहुत धनवान होकर उत्तम यज्ञों द्वारा भगवान का पूजन करता है, जिसकी बुद्धि समस्त विद्याओं को प्राप्त करके विनम्रता से युक्त हो जाती है, तथा जो वेदों को पढ़कर अपने शरीर को तपस्या में लगाता है, वह मनुष्य आसक्ति से रहित होकर स्वर्ग को जाता है। | mahabharat अध्याय 1.89: ययाति और अष्टकका संवाद । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य बहुत धनवान होकर उत्तम यज्ञों द्वारा भगवान का पूजन करता है, जिसकी बुद्धि समस्त विद्याओं को प्राप्त करके विनम्रता से युक्त हो जाती है, तथा जो वेदों को पढ़कर अपने शरीर को तपस्या में लगाता है, वह मनुष्य आसक्ति से रहित होकर स्वर्ग को जाता है।
The man who, being very wealthy, worships the Lord by performing excellent sacrifices, whose intellect is filled with humility after acquiring all the knowledge, and who, having read the Vedas, devotes his body to austerity, that man, being free from attachments, goes to heaven. 6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥