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mahabharat 1.89.3: अष्टक बोले - राजन्! आपने कहा है कि जो आयु में बड़ा होता है, वही अधिक आदरणीय माना जाता है। किन्तु ब्राह्मणों में जो ज्ञान और तप में श्रेष्ठ होता है, वही आदरणीय होता है।   |   mahabharat अध्याय 1.89: ययाति और अष्टकका संवाद   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 89: ययाति और अष्टकका संवाद  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.89.3 
अष्टक उवाच
अवादीस्त्वं वयसा य: प्रवृद्ध:
स वै राजन् नाभ्यधिक: कथ्यते च।
यो विद्यया तपसा सम्प्रवृद्ध:
स एव पूज्यो भवति द्विजानाम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
अष्टक बोले - राजन्! आपने कहा है कि जो आयु में बड़ा होता है, वही अधिक आदरणीय माना जाता है। किन्तु ब्राह्मणों में जो ज्ञान और तप में श्रेष्ठ होता है, वही आदरणीय होता है।
 
Ashtak said - King! You have said that the one who is elder in age is considered more respectable. But among the Brahmins, the one who excels in knowledge and penance is the one who is respected. 3.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)