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mahabharat 1.88.9: आप इन्द्र, सूर्य और विष्णु के समान पराक्रमी हैं। आपको आकाश में स्थित देखकर हम सब अब आपके निकट यह जानने आए हैं कि आपके पतन का वास्तविक कारण क्या है?॥9॥   |   mahabharat अध्याय 1.88: ययातिका स्वर्गसे पतन और अष्टकका उनसे प्रश्न करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 88: ययातिका स्वर्गसे पतन और अष्टकका उनसे प्रश्न करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.88.9 
दृष्ट्वा च त्वां धिष्ठितं देवमार्गे
शक्रार्कविष्णुप्रतिमप्रभावम्।
अभ्युद्‍गतास्त्वां वयमद्य सर्वे
तत्त्वं प्रपाते तव जिज्ञासमाना:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
आप इन्द्र, सूर्य और विष्णु के समान पराक्रमी हैं। आपको आकाश में स्थित देखकर हम सब अब आपके निकट यह जानने आए हैं कि आपके पतन का वास्तविक कारण क्या है?॥9॥
 
You are as powerful as Indra, Surya and Vishnu. Seeing you situated in the sky, we all have now come near you to know what is the real reason behind your fall?॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)