श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 85: राजा ययातिका विषय-सेवन और वैराग्य तथा पूरुका राज्याभिषेक करके वनमें जाना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  1.85.34 
यदोस्तु यादवा जातास्तुर्वसोर्यवना: स्मृता:।
द्रुह्यो: सुतास्तु वै भोजा अनोस्तु म्लेच्छजातय:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
यदुओं से यादव क्षत्रिय उत्पन्न हुए, तुर्वसु की सन्तान यवन कहलायी, द्रुह्यु के पुत्र भोज नाम से प्रसिद्ध हुए और उनसे म्लेच्छ जातियाँ उत्पन्न हुईं ॥34॥
 
From Yadusa, Yadav Kshatriyas were born, Turvasu's children were called Yavanas, Druhyu's sons became famous by the name Bhoja and from them Mlechchha castes were born. 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)