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mahabharat 1.8.7: हे भृगुपुत्र! गंधर्वराज की गर्भाधान की नियत तिथि के पश्चात् अप्सरा मेनका ने स्थूलकेश के आश्रम के निकट ही बालक को जन्म दिया।   |   mahabharat अध्याय 1.8: प्रमद्वराका जन्म, रुरुके साथ उसका वाग्दान तथा विवाहके पहले ही साँपके काटनेसे प्रमद्वराकी मृत्यु   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 8: प्रमद्वराका जन्म, रुरुके साथ उसका वाग्दान तथा विवाहके पहले ही साँपके काटनेसे प्रमद्वराकी मृत्यु  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.8.7 
अप्सरा मेनका तस्य तं गर्भं भृगुनन्दन।
उत्ससर्ज यथाकालं स्थूलकेशाश्रमं प्रति॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे भृगुपुत्र! गंधर्वराज की गर्भाधान की नियत तिथि के पश्चात् अप्सरा मेनका ने स्थूलकेश के आश्रम के निकट ही बालक को जन्म दिया।
 
O son of Bhrigu! After the due date of pregnancy of the Gandharva king, Apsara Menaka gave birth to the child near the hermitage of Sthulakesh.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)