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mahabharat 1.8.23: उसके पिता स्थूलकेषण तथा अन्य तपस्वी मुनियों ने भी आकर उसे देखा। कमल के समान कान्ति वाली वह कन्या भूमि पर निश्चल पड़ी हुई थी॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 1.8: प्रमद्वराका जन्म, रुरुके साथ उसका वाग्दान तथा विवाहके पहले ही साँपके काटनेसे प्रमद्वराकी मृत्यु   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 8: प्रमद्वराका जन्म, रुरुके साथ उसका वाग्दान तथा विवाहके पहले ही साँपके काटनेसे प्रमद्वराकी मृत्यु  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.8.23 
ददर्श तां पिता चैव ये चैवान्ये तपस्विन:।
विचेष्टमानां पतितां भूतले पद्मवर्चसम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उसके पिता स्थूलकेषण तथा अन्य तपस्वी मुनियों ने भी आकर उसे देखा। कमल के समान कान्ति वाली वह कन्या भूमि पर निश्चल पड़ी हुई थी॥ 23॥
 
Her father Sthulakeshana and other ascetic saints also came and saw her. That girl with lotus-like radiance was lying motionless on the ground.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)