श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  1.74.80 
सुनिकृष्टा च ते योनि: पुंश्चलीव प्रभाषसे।
यदृच्छया कामरागाज्जाता मेनकया ह्यसि॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
तुम्हारी जाति नीच है। तुम वेश्याओं जैसी बातें करती हो। ऐसा प्रतीत होता है कि मेनका ने विषय-भोग के वशीभूत होकर अचानक तुम्हें जन्म दिया है ॥80॥
 
Your caste is low. You talk like a prostitute. It seems that Menaka gave birth to you suddenly under the influence of sensual pleasure. ॥ 80॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)