श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  1.74.76 
मेनकाप्सरसां श्रेष्ठा महर्षीणां पिता च ते।
तयोरपत्यं कस्मात् त्वं पुंश्चलीव प्रभाषसे॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
मेनका अप्सराओं में श्रेष्ठ कही गई है और तुम्हारे पिता विश्वामित्र भी ऋषियों में श्रेष्ठ माने गए हैं। उन दोनों की संतान होकर तुम व्यभिचारिणी स्त्री की भाँति मिथ्या कथन क्यों कर रहे हो? 76.
 
Menaka is said to be the best among the Apsaras and your father Vishwamitra is also considered to be the best among the sages. Being the child of both of them, why are you making false statements like an adulterous woman? 76.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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