श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  1.74.69 
तासां सा मेनका नाम ब्रह्मयोनिर्वराप्सरा:।
दिव: सम्प्राप्य जगतीं विश्वामित्रादजीजनत्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
'इन सबमें मेनका नाम की अप्सरा श्रेष्ठ है, क्योंकि वह स्वयं ब्रह्माजी से उत्पन्न हुई थी। उसी ने स्वर्ग से पृथ्वी पर आकर विश्वामित्र के संसर्ग से मुझे जन्म दिया।'
 
‘Among all of them, the Apsara named Menaka is the best, because she was born from Lord Brahma himself. It was she who came to earth from heaven and gave birth to me through the contact of Vishwamitra.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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