vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक
»
श्लोक 62
श्लोक
1.74.62
वेदेष्वपि वदन्तीमं मन्त्रग्रामं द्विजातय:।
जातकर्मणि पुत्राणां तवापि विदितं तथा॥ ६२॥
अनुवाद
‘वेद जाननेवाले वैदिक ब्राह्मण अपने पुत्रों के जन्मोत्सव के समय जो वैदिक मन्त्र बोलते हैं, उन्हें भी आप जानते हैं।॥ 62॥
‘You also know the Vedic mantras which are recited by the Vedic Brahmins who know the Vedas during the birth ceremony of their sons.॥ 62॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas