vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक
»
श्लोक 46
श्लोक
1.74.46
प्रथमं संस्थिता भार्या पतिं प्रेत्य प्रतीक्षते।
पूर्वं मृतं च भर्तारं पश्चात् साध्व्यनुगच्छति॥ ४६॥
अनुवाद
यदि पतिव्रता स्त्री पहले मर जाए, तो वह परलोक में जाकर अपने पति की प्रतीक्षा करती है और यदि पति पहले मर जाए, तो पतिव्रता स्त्री उसके पीछे जाती है॥46॥
‘If a virtuous woman dies first, she goes to the next world and waits for her husband. And if her husband dies first, a chaste woman follows him.॥ 46॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas