कण्व उवाच
सव्रीडैव च दीर्घायु: पुरेव भविता न च।
वृत्तं कथय रम्भोरु मा त्रासं च प्रकल्पय॥
अनुवाद
कण्व बोले- पुत्री! तुम दीर्घायु होकर ही मर्यादा में रहोगी। अब तुम पहले जैसी फुर्तीली नहीं रहोगी। शुभ! मुझे सब कुछ स्पष्ट बताओ; डरो मत।
Kanva said— Daughter! You will live long only by remaining modest. Now you will not be as agile as before. Shubh! Tell me everything clearly; do not be afraid.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥