vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 65: मरीचि आदि महर्षियों तथा अदिति आदि दक्षकन्याओंके वंशका विवरण
»
श्लोक 10
श्लोक
1.65.10
ब्रह्मणो मानसा: पुत्रा विदिता: षण्महर्षय:।
मरीचिरत्र्यङ्गिरसौ पुलस्त्य: पुलह: क्रतु:॥ १०॥
अनुवाद
ब्रह्माजी के मानस पुत्र छह महान ऋषि प्रसिद्ध हैं- मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह और क्रतु। 10॥
Six great sages, the mental sons of Brahmaji, are famous - Marichi, Atri, Angira, Pulastya, Pulah and Kratu. 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×