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mahabharat 1.64.49: इसी प्रकार भगवान ब्रह्मा ने समस्त गन्धर्वों और अप्सराओं को बुलाकर उनसे ये अर्थपूर्ण वचन कहे ॥49॥   |   mahabharat अध्याय 1.64: ब्राह्मणोंद्वारा क्षत्रियवंशकी उत्पत्ति और वृद्धि तथा उस समयके धार्मिक राज्यका वर्णन; असुरोंका जन्म और उनके भारसे पीड़ित पृथ्वीका ब्रह्माजीकी शरणमें जाना तथा ब्रह्माजीका देवताओंको अपने अंशसे पृथ्वीपर जन्म लेनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 64: ब्राह्मणोंद्वारा क्षत्रियवंशकी उत्पत्ति और वृद्धि तथा उस समयके धार्मिक राज्यका वर्णन; असुरोंका जन्म और उनके भारसे पीड़ित पृथ्वीका ब्रह्माजीकी शरणमें जाना तथा ब्रह्माजीका देवताओंको अपने अंशसे पृथ्वीपर जन्म लेनेका आदेश  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  1.64.49 
तथैव स समानीय गन्धर्वाप्सरसां गणान्।
उवाच भगवान् सर्वानिदं वचनमर्थवत्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार भगवान ब्रह्मा ने समस्त गन्धर्वों और अप्सराओं को बुलाकर उनसे ये अर्थपूर्ण वचन कहे ॥49॥
 
In the same way Lord Brahma called all the Gandharvas and Apsaras and spoke these meaningful words to them. ॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)