श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  1.63.91 
तथा भीष्म: शान्तनवो गङ्गायाममितद्युति:।
वसुवीर्यात् समभवन्महावीर्यो महायशा:॥ ९१॥
 
 
अनुवाद
अमित तेजस्वी शान्तनुनंदन भीष्म आठवें वसु के अंश से और गंगाजी के गर्भ से उत्पन्न हुए थे। वे बड़े वीर और यशस्वी थे। 91॥
 
Amit Tejasvi Shantanunandan Bhishma was born from the part of the eighth Vasu and from the womb of Gangaji. He was very brave and very successful. 91॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)