Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.58.17: आस्तिक ने राजा के अनुरोध को 'बहुत अच्छा' कहकर प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार कर लिया और अपना अद्वितीय कार्य संपन्न करके राजा को संतुष्ट करने के बाद वह शीघ्रता से वहां से चला गया। | mahabharat अध्याय 1.58: यज्ञकी समाप्ति एवं आस्तीकका सर्पोंसे वर प्राप्त करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आस्तिक ने राजा के अनुरोध को 'बहुत अच्छा' कहकर प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार कर लिया और अपना अद्वितीय कार्य संपन्न करके राजा को संतुष्ट करने के बाद वह शीघ्रता से वहां से चला गया।
Aastik happily accepted the king's request saying 'very good' and after satisfying the king by accomplishing his unique task, he quickly left the place.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥