उग्रश्रवाज कहते हैं - जब उनकी माता ने ऐसा कहा, तब आस्तिक ने उनसे कहा - ‘माता! आप जैसी आज्ञा देंगी, वैसा ही करूंगा।’ तत्पश्चात् वे इस प्रकार बोले मानो पीड़ित वासुकि को जीवनदान दे रहे हों -॥17॥
Ugrasravāja says - When his mother said this, Aastik told her - 'Mother! I will do as you command.' Thereafter, he spoke as if giving life to the suffering Vasuki -॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥