Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.51.2-3h: ब्रह्मन्! उस समय सम्पूर्ण वसुधा के स्वामी, भरतवंशियों में श्रेष्ठ परीक्षितकुमार राजा जनमेजय ने पुरोहितों और ऋत्विजों को बुलाकर सफल होने वाली बात कही- 2 1/2॥ | mahabharat अध्याय 1.51: जनमेजयके सर्पयज्ञका उपक्रम । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मन्! उस समय सम्पूर्ण वसुधा के स्वामी, भरतवंशियों में श्रेष्ठ परीक्षितकुमार राजा जनमेजय ने पुरोहितों और ऋत्विजों को बुलाकर सफल होने वाली बात कही- 2 1/2॥
Brahman! At that time, King Janamejaya, the best Parikshit Kumar among Bharatvanshis, the master of entire Vasudha, called the priests and Ritvijas and said something that proved successful – 2 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥