अब तक्षक ने कश्यप को प्रलोभन देना आरम्भ किया। उसने कहा- ‘तुम्हारी जो इच्छा हो, वह मुझसे मांग लो।’ तक्षक की यह बात सुनकर कश्यप ने उससे कहा- ‘मैं धन के लिए वहाँ जा रहा हूँ।’ तक्षक की यह बात सुनकर महात्मा कश्यप ने मधुर वाणी में कहा- ॥24-25॥
Now Takshak started tempting Kashyap. He said- 'Ask me for whatever you wish.' On hearing Takshak say this, Kashyap said to him- 'I am going there for money.' On hearing Takshak say this to Mahatma Kashyap in a sweet voice-॥24-25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥