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mahabharat 1.46.20: उनकी बातें सुनकर नागराज वासुकी ने अपनी कुंवारी बहन को वस्त्र और आभूषणों से सुसज्जित किया और उसे अपने साथ वन में ऋषि के पास ले गए।   |   mahabharat अध्याय 1.46: जरत्कारुका शर्तके साथ विवाहके लिये उद्यत होना और नागराज वासुकिका जरत्कारु नामकी कन्याको लेकर आना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 46: जरत्कारुका शर्तके साथ विवाहके लिये उद्यत होना और नागराज वासुकिका जरत्कारु नामकी कन्याको लेकर आना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.46.20 
तेषां श्रुत्वा स नागेन्द्रस्तां कन्यां समलंकृताम्।
प्रगृह्यारण्यमगमत् समीपं तस्य पन्नग:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उनकी बातें सुनकर नागराज वासुकी ने अपनी कुंवारी बहन को वस्त्र और आभूषणों से सुसज्जित किया और उसे अपने साथ वन में ऋषि के पास ले गए।
 
On hearing his words, King of Serpents Vasuki adorned his virgin sister with clothes and ornaments and took her along with him to the sage in the forest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)