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mahabharat 1.46.19: तब ऋषि जरत्कारु की खोज में भेजे गए नागों ने यह समाचार पाकर नागराज वासुकि को इसकी सूचना दी।   |   mahabharat अध्याय 1.46: जरत्कारुका शर्तके साथ विवाहके लिये उद्यत होना और नागराज वासुकिका जरत्कारु नामकी कन्याको लेकर आना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 46: जरत्कारुका शर्तके साथ विवाहके लिये उद्यत होना और नागराज वासुकिका जरत्कारु नामकी कन्याको लेकर आना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.46.19 
ततस्ते पन्नगा ये वै जरत्कारौ समाहिता:।
तामादाय प्रवृत्तिं ते वासुके: प्रत्यवेदयन्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तब ऋषि जरत्कारु की खोज में भेजे गए नागों ने यह समाचार पाकर नागराज वासुकि को इसकी सूचना दी।
 
Then the serpents who were sent in search of the sage Jaratkaru, on receiving this news, informed the King of Serpents Vasuki.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)