श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 38: वासुकिकी बहिन जरत्कारुका जरत्कारु मुनिके साथ विवाह करनेका निश्चय  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.38.11 
यन्निमित्तं च भविता मोक्षस्तेषां महाभयात्।
पन्नगानां निबोधध्वं तस्मिन् काले समागते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जब वह समय आएगा, तब मैं तुम लोगों को वह उपाय बताऊँगा जिससे सर्प उस महान भय से मुक्त हो जाएँगे। तुम सब लोग कृपया सुनो॥11॥
 
When that time comes, I shall tell you the means by which the snakes will be freed from that great fear. All of you please listen. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)