उग्रश्रवाजी बोले- शौनक! उन नागों में सबसे प्रसिद्ध भगवान शेषनाग ने कद्रू को छोड़कर घोर तपस्या आरम्भ कर दी। वे केवल वायु पीकर रहने लगे और संयमपूर्वक व्रतों का पालन करने लगे।॥ 2॥
Ugrashravaji said- Shaunak! Among those snakes, the most famous Lord Sheshnag left Kadru and started austere penance. He lived only by drinking air and observed fasts with restraint.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥