Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.33.24: उस सुन्दर पंख को देखकर लोगों ने कहा, "वह पक्षी, जिसका यह सुन्दर पंख है, सुपर्ण नाम से विख्यात हो।" (गरुड़ पर तो वज्र भी निष्फल रहा।) यह महान आश्चर्य देखकर सहस्र नेत्रों वाले इन्द्र ने मन ही मन सोचा, "अहा! यह तो पक्षी रूपी कोई महान प्राणी है।" ऐसा सोचकर उन्होंने कहा। | mahabharat अध्याय 1.33: गरुडका अमृत लेकर लौटना, मार्गमें भगवान् विष्णुसे वर पाना एवं उनपर इन्द्रके द्वारा वज्र-प्रहार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस सुन्दर पंख को देखकर लोगों ने कहा, "वह पक्षी, जिसका यह सुन्दर पंख है, सुपर्ण नाम से विख्यात हो।" (गरुड़ पर तो वज्र भी निष्फल रहा।) यह महान आश्चर्य देखकर सहस्र नेत्रों वाले इन्द्र ने मन ही मन सोचा, "अहा! यह तो पक्षी रूपी कोई महान प्राणी है।" ऐसा सोचकर उन्होंने कहा।
Seeing that beautiful feather, people said, "May that bird, to whom this beautiful feather belongs, be famous by the name of Suparna." (Even the thunderbolt proved ineffective on Garuda.) Seeing this great wonder, the thousand-eyed Indra thought to himself, "Oh! This is some great creature in the form of a bird," thinking so he said.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥