Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.30.38: बहुत-सी धूल उड़ने लगी और देवताओं के मुकुटों पर लगने लगी। इस भयंकर उत्पात को देखकर देवताओं सहित इन्द्र भयभीत हो गए और बृहस्पति से इस प्रकार बोले। | mahabharat अध्याय 1.30: गरुडका कश्यपजीसे मिलना, उनकी प्रार्थनासे वालखिल्य ऋषियोंका शाखा छोड़कर तपके लिये प्रस्थान और गरुडका निर्जन पर्वतपर उस शाखाको छोड़ना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत-सी धूल उड़ने लगी और देवताओं के मुकुटों पर लगने लगी। इस भयंकर उत्पात को देखकर देवताओं सहित इन्द्र भयभीत हो गए और बृहस्पति से इस प्रकार बोले।
A lot of dust started flying and staining the crowns of the gods. Seeing this terrible havoc, Indra along with the gods became frightened and spoke to Brihaspati in this manner.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥