Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.3.52: तदनन्तर जब सूर्यदेव अस्ताचल शिखर पर पहुँचे, तब भी उपमन्यु गुरु के घर नहीं आया, तब उपाध्याय ने शिष्यों से पूछा - ‘उपमन्यु क्यों नहीं आया?’ उन्होंने कहा - ‘वह तो गौएँ चराने के लिए वन में गया था॥’ ॥52॥ | mahabharat अध्याय 1.3: जनमेजयको सरमाका शाप, जनमेजयद्वारा सोमश्रवाका पुरोहितके पदपर वरण,आरुणि, उपमन्यु, वेद और उत्तंककी गुरुभक्ति तथा उत्तंकका सर्पयज्ञके लिये जनमेजयको प्रोत्साहन देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर जब सूर्यदेव अस्ताचल शिखर पर पहुँचे, तब भी उपमन्यु गुरु के घर नहीं आया, तब उपाध्याय ने शिष्यों से पूछा - ‘उपमन्यु क्यों नहीं आया?’ उन्होंने कहा - ‘वह तो गौएँ चराने के लिए वन में गया था॥’ ॥52॥
Subsequently, when the Sun God reached the peak of Asthachal, even then Upamanyu did not come to the Guru's house, then Upadhyaya asked the disciples - 'Why did Upamanyu not come?' They said - 'He had gone to the forest to graze the cows.' 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥