Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.3.178: इतना कहकर उत्तंक ने पुनः कहा - हे भूपाल शिरोमणे! सर्पराज तक्षक ने आपके पिता को मार डाला है; अतः आपको उस दुष्ट सर्प से बदला लेना चाहिए। | mahabharat अध्याय 1.3: जनमेजयको सरमाका शाप, जनमेजयद्वारा सोमश्रवाका पुरोहितके पदपर वरण,आरुणि, उपमन्यु, वेद और उत्तंककी गुरुभक्ति तथा उत्तंकका सर्पयज्ञके लिये जनमेजयको प्रोत्साहन देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इतना कहकर उत्तंक ने पुनः कहा - हे भूपाल शिरोमणे! सर्पराज तक्षक ने आपके पिता को मार डाला है; अतः आपको उस दुष्ट सर्प से बदला लेना चाहिए।
Having said this, Uttanka again said - O Bhupala Siromane! King of snakes Takshak has killed your father; therefore you must take revenge from that evil serpent.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥