Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.3.114: ‘प्रभो! बहुत दिनों के बाद कोई योग्य ब्राह्मण मिलता है। आप पुण्यात्मा अतिथि हैं, अतः मैं आपका श्राद्ध करना चाहता हूँ। कृपया मुझे इसके लिए समय दीजिए।’॥114॥ | mahabharat अध्याय 1.3: जनमेजयको सरमाका शाप, जनमेजयद्वारा सोमश्रवाका पुरोहितके पदपर वरण,आरुणि, उपमन्यु, वेद और उत्तंककी गुरुभक्ति तथा उत्तंकका सर्पयज्ञके लिये जनमेजयको प्रोत्साहन देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘प्रभो! बहुत दिनों के बाद कोई योग्य ब्राह्मण मिलता है। आप पुण्यात्मा अतिथि हैं, अतः मैं आपका श्राद्ध करना चाहता हूँ। कृपया मुझे इसके लिए समय दीजिए।’॥114॥
‘Lord! After a long time, one meets a deserving Brahmin. You are a virtuous guest, so I want to perform the Shraddha. Please give me time for this.’॥ 114॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥