श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 28: गरुडका अमृतके लिये जाना और अपनी माताकी आज्ञाके अनुसार निषादोंका भक्षण करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.28.8 
गरुड उवाच
किंरूपो ब्राह्मणो मात: किंशील: किंपराक्रम:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
गरुड़ ने पूछा - "माता! ब्राह्मण का रूप कैसा होता है? उसका चरित्र और स्वभाव कैसा होता है? और उसमें कैसा पराक्रम होता है?"
 
Garuda asked - Mother! What is the appearance of a Brahmin? What is his character and nature? And what kind of valour does he possess?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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