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श्लोक 1.24.5-6h  |
रुरुरुवाच
किमर्थं भगवान् सूर्यो लोकान् दग्धुमनास्तदा॥ ५॥
किमस्यापहृतं देवैर्येनेमं मन्युराविशत्। |
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| अनुवाद |
| रुरु ने पूछा - पिताश्री ! भगवान सूर्य ने उस समय समस्त लोकों को भस्म करने का विचार क्यों किया ? देवताओं ने उनसे क्या छीन लिया था, जिससे वे क्रोधित हो गए ?॥5॥ |
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| Ruru asked - Father! Why did Lord Surya think of burning down all the worlds at that time? What had the gods snatched from him, which made him angry?॥ 5॥ |
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