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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 230: जरिता और उसके बच्चोंका संवाद
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श्लोक 15
श्लोक
1.230.15
वयमग्निं समाविश्य लोकानाप्स्याम शोभनान्।
अथास्मान् न दहेदग्निरायास्त्वं पुनरेव न:॥ १५॥
अनुवाद
हम अग्नि में जलकर उत्तम लोक को प्राप्त करेंगे और यदि अग्नि हमें न जलाए तो तुम पुनः हमारे पास आ जाना ॥15॥
We shall burn in the fire and attain the best world. And if the fire does not burn us then you come back to us again. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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