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श्लोक 1.230.12  |
शार्ङ्गका ऊचु:
न त्वं मिथ्योपचारेण मोक्षयेथा भयाद्धि न:।
समाकुलेषु ज्ञानेषु न बुद्धिकृतमेव तत्॥ १२॥ |
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| अनुवाद |
| शारंगक ने कहा - माँ ! झूठे बहाने बनाकर हमें भय से मुक्त करने का प्रयत्न मत करो । संदेहपूर्ण कार्यों में संलग्न होना बुद्धिमानी नहीं है ॥12॥ |
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| Sharangak said - Mother! Do not try to free us from fear by making false excuses. It is not wise to engage in suspicious activities. ॥12॥ |
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