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श्लोक 1.229.8  |
चिन्तयाना विमोक्षं वो नाधिगच्छामि किंचन।
छादयिष्यामि वो गात्रै: करिष्ये मरणं सह॥ ८॥ |
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| अनुवाद |
| मैं तुम सबको मुक्त करने का उपाय सोच रहा हूँ; परन्तु मुझे कुछ भी नहीं सूझ रहा। अच्छा, मैं तुम सबको अपने शरीर से ढक लूँगा और तुम्हारे साथ ही मर जाऊँगा। 8. |
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| I am thinking of a way to free you all; but I am unable to think of anything. Well, I will cover you all with my body and I will die along with you. 8. |
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