श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.229.7 
कं तु जह्यामहं पुत्रं कमादाय व्रजाम्यहम्।
किं नु मे स्यात् कृतं कृत्वा मन्यध्वं पुत्रका: कथम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
मैं किस बच्चे को छोड़कर जाऊँ और किसे साथ ले जाऊँ? मैं क्या करके संतुष्ट रहूँ? मेरे बच्चों! तुम्हारी क्या राय है?॥ 7॥
 
Which child should I leave behind and whom should I take with me? What can I do to be satisfied? My children! What is your opinion?॥ 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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