श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.229.17 
ततोऽहं पांसुना छिद्रमपिधास्यामि पुत्रका:।
एवं प्रतिकृतं मन्ये ज्वलत: कृष्णवर्त्मन:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
जब तुम सब लोग भीतर आ जाओगे, तब मैं इस छिद्र को धूल से ढक दूँगा। बच्चों! मेरा विश्वास है कि ऐसा करने से तुम इस जलती हुई आग से बच जाओगे।॥17॥
 
When you all enter, I will cover this hole with dust. Children! I believe that by doing this you will be saved from this burning fire.॥ 17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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