श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.229.16 
जरितोवाच
इदमाखोर्बिलं भूमौ वृक्षस्यास्य समीपत:।
तदाविशध्वं त्वरिता वह्नेरत्र न वो भयम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जरिता बोली, "मेरे बच्चों! इस पेड़ के पास ज़मीन में एक चूहे का बिल है। तुम सब जल्दी से जल्दी उसमें घुस जाओ। उसके अंदर तुम्हें आग का डर नहीं रहेगा।" 16.
 
Jarita said, "My children! There is a rat's hole in the ground near this tree. You all should enter it as quickly as possible. Inside it you will not be afraid of fire." 16.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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