श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 227: देवताओंकी पराजय, खाण्डववनका विनाश और मयासुरकी रक्षा  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  1.227.13-14h 
तयोर्बलात् परित्रातुं तं च दावं यदा सुरा:॥ १३॥
नाशक्नुवञ्छमयितुं तदाभूवन् पराङ्मुखा:।
 
 
अनुवाद
जब देवता उन दोनों सेनाओं की सहायता से खाण्डव वन की रक्षा करने और अग्नि बुझाने में असमर्थ हो गए, तब वे पीठ फेरकर चले गए ॥13 1/2॥
 
When the gods were unable to protect the Khandava forest and extinguish the fire with the help of those two forces, they turned their backs and went away. ॥ 13 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)