श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 225: खाण्डववनमें जलते हुए प्राणियोंकी दुर्दशा और इन्द्रके द्वारा जल बरसाकर आग बुझानेकी चेष्टा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.225.16 
देवा ऊचु:
किं न्विमे मानवा: सर्वे दह्यन्ते चित्रभानुना।
कच्चिन्न संक्षय: प्राप्तो लोकानाममरेश्वर॥ १६॥
 
 
अनुवाद
देवताओं ने कहा - अमरेश्वर ! अग्निदेव इन सब लोगों को क्यों जला रहे हैं ? क्या संसार का प्रलय आ गया है ?॥16॥
 
The gods said - Amareshwar! Why is Agnidev burning all these people? Has the world's destruction arrived?॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)