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mahabharat 1.224.4: 'वरुणदेव! कृपया राजा सोम द्वारा दिया गया दिव्य धनुष और अक्षय तरकश मुझे लौटा दीजिए। साथ ही मुझे वानर ध्वज से सुशोभित रथ भी दीजिए।'॥4॥   |   mahabharat अध्याय 1.224: अग्निदेवका अर्जुन और श्रीकृष्णको दिव्य धनुष, अक्षय तरकस, दिव्य रथ और चक्र आदि प्रदान करना तथा उन दोनोंकी सहायतासे खाण्डववनको जलाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 224: अग्निदेवका अर्जुन और श्रीकृष्णको दिव्य धनुष, अक्षय तरकस, दिव्य रथ और चक्र आदि प्रदान करना तथा उन दोनोंकी सहायतासे खाण्डववनको जलाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.224.4 
सोमेन राज्ञा यद् दत्तं धनुश्चैवेषुधी च ते।
तत् प्रयच्छोभयं शीघ्रं रथं च कपिलक्षणम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
'वरुणदेव! कृपया राजा सोम द्वारा दिया गया दिव्य धनुष और अक्षय तरकश मुझे लौटा दीजिए। साथ ही मुझे वानर ध्वज से सुशोभित रथ भी दीजिए।'॥4॥
 
'Varundev! Please return to me the divine bow and the inexhaustible quiver given to you by King Som. Also give me a chariot decorated with a flag bearing a monkey.'॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)