श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 223: अर्जुनका अग्निकी प्रार्थना स्वीकार करके उनसे दिव्य धनुष एवं रथ आदि माँगना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.223.11 
तौ तु सत्त्वानि सर्वाणि यत्नतो वारयिष्यत:।
देवराजं च सहितौ तत्र मे नास्ति संशय:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
‘जब वे दोनों वीर एक साथ आएँगे, तब वे वन के समस्त प्राणियों को अनायास ही रोक देंगे और देवताओं के राजा इन्द्र से भी भिड़ जाएँगे; इसमें मुझे तनिक भी संदेह नहीं है।’॥11॥
 
'When those two heroes come together, they will effortlessly stop all the creatures of the forest and will also confront the king of gods, Indra; I have no doubt about this.'॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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