Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.222.37: हे राजन! कठोर व्रत रखने वाले राजा श्वेतकि ने बहुत दिनों तक निराहार रहकर मन और इन्द्रियों को संयमित करके भगवान महादेव की आराधना की। | mahabharat अध्याय 1.222: अग्निदेवका खाण्डववनको जलानेके लिये श्रीकृष्ण और अर्जुनसे सहायताकी याचना करना, अग्निदेव उस वनको क्यों जलाना चाहते थे, इसे बतानेके प्रसंगमें राजा श्वेतकिकी कथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! कठोर व्रत रखने वाले राजा श्वेतकि ने बहुत दिनों तक निराहार रहकर मन और इन्द्रियों को संयमित करके भगवान महादेव की आराधना की।
O King! King Swetaki, who observed a strict fast, stood without any food for many days, worshipping Lord Mahadev with restraint of his mind and senses.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥