हे राजन! पाण्डव उन महाबली योद्धा पुत्रों के साथ मिलकर बहुत प्रसन्न हुए, जिनकी छाती देवपुत्रों के समान चौड़ी थी।
O King! The Pandavas were very happy to be united with those mighty warrior sons who had broad chests like the sons of gods. 89
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि हरणाहरणपर्वणि विंशत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २२०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत हरणाहरणपर्वमें दो सौ बीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २२०॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके १ १/२ श्लोक मिलाकर कुल ९० १/२ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥