श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.220.7 
भरतस्यान्वये जातं शान्तनोश्च यशस्विन:।
कुन्तिभोजात्मजापुत्रं को बुभूषेत नार्जुनम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'राजा भरत और यशस्वी शान्तनु के कुल में उत्पन्न, कुन्तिभोजकुमारी कुन्ती के पुत्र, ऐसे वीर अर्जुन को कौन अपना सम्बन्धी नहीं बनाना चाहेगा?
 
'Who would not want to have such brave Arjuna as his relative, who was born in the family of King Bharat and the famous Shantanu, who is the son of Kuntibhojakumari Kunti? 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)