श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.220.6 
उचितश्चैव सम्बन्ध: सुभद्रां च यशस्विनीम्।
एष चापीदृश: पार्थ: प्रसह्य हृतवानिति॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मेरे विचार से यह सम्बन्ध बहुत ही उचित है। सुभद्रा प्रसिद्ध है और यह कुन्तीपुत्र अर्जुन भी प्रसिद्ध है; अतः इसने बलपूर्वक सुभद्रा का अपहरण किया है॥6॥
 
‘In my opinion, this relation is very appropriate. Subhadra is famous and this Kunti's son Arjuna is also famous; therefore, he has abducted Subhadra by force.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)